Advertisment

CG Farmer Bull Insurance: किसान ने कराया बैलों का बीमा, मौत पर नहीं मिला क्लेम, 15 साल बाद बैंक और कंपनी देंगे मुआवजा

CG Farmer Bull Insurance: छत्तीसगढ़ के एक किसान को 15 साल बाद बैल बीमा का क्लेम और मुआवजा मिलने जा रहा है। उपभोक्ता आयोग ने बैंक और बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वे किसान को बीमा राशि और क्षतिपूर्ति दें।

author-image
Shashank Kumar
CG Farmer Bull Insurance

CG Farmer Bull Insurance

हाइलाइट्स 

  • 15 साल बाद मिला बीमा क्लेम

  • बैंक व बीमा कंपनी देंगे मुआवजा

  • उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला

Advertisment

CG Farmer Bull Insurance: छत्तीसगढ़ के एक किसान को आखिरकार 15 साल बाद इंसाफ मिल गया है। रायपुर जिले के आरंग के रहने वाले किसान नथेलू सतनामी ने अपने बैलों का बीमा (Insurance Claim Case) कराया था, लेकिन उनमें से एक बैल की मौत के बाद भी बीमा राशि नहीं दी गई। लंबे संघर्ष और उपभोक्ता आयोग की लड़ाई के बाद अब बैंक और बीमा कंपनी को किसान को क्लेम राशि और मुआवजा देना होगा।

2005 में खरीदे थे दो बैल

[caption id="attachment_890806" align="alignnone" width="1134"]CG Farmer Bull Insurance फाइल फोटो[/caption]

किसान नथेलू सतनामी ने साल 2005 में बैंक से 17 हजार रुपये का लोन (Bank Loan for Cattle) लेकर दो बैल खरीदे थे। ग्रामीण बैंक ने इन बैलों का बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया। बीमा अवधि 26 जून 2005 से 27 जून 2010 तक तय की गई थी।

Advertisment

2009 में एक बैल की मौत, पर नहीं मिला क्लेम

12 नवंबर 2009 को नथेलू के बैलों में से एक की मौत हो गई। किसान ने तय प्रक्रिया के अनुसार बैंक के माध्यम से बीमा कंपनी को क्लेम (Insurance Claim Process) भेजा, लेकिन कंपनी ने भुगतान मंजूर नहीं किया। किसान ने 2011 में फिर से आवेदन और 2015 में लीगल नोटिस (Legal Notice) भी भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

आयोग में 15 साल बाद मिला इंसाफ

आखिरकार किसान ने मामला उपभोक्ता आयोग में दर्ज कराया। आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद पाया कि बैंक और बीमा कंपनी की ओर से लापरवाही बरती गई थी। आयोग ने दोनों को आदेश दिया है कि किसान को क्लेम राशि के साथ मुआवजा भी दिया जाए।

ये भी पढ़ें:  CG Kisan Dhan Kharidi News: छत्तीसगढ़ के 3.50 लाख किसानों को बड़ी राहत, अब सोसाइटियों में होगा धान बेचने का रजिस्ट्रेशन

Advertisment

किसानों के लिए बड़ी सीख

यह मामला किसानों के लिए एक बड़ी सीख है। अगर पशु बीमा (Cattle Insurance in India) कराया गया है तो कंपनियों और बैंकों की जिम्मेदारी होती है कि वे समय पर क्लेम का निपटारा करें। अक्सर तकनीकी खामियों और लापरवाही से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब डिजिटल सिस्टम और ऑनलाइन क्लेम (Online Claim Settlement) से इस तरह के मामलों में तेजी आनी चाहिए, ताकि किसानों को वर्षों तक इंतजार न करना पड़े।

ये भी पढ़ें:  CG ka Mausam: छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों में बरसात की रफ्तार धीमी, कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा की संभावना

हमें XFacebookWhatsAppInstagram पर फॉलो करें। हमारे यू-ट्यूब चैनल  News MPCG को सब्सक्राइब करें। 
Advertisment
Farmer Compensation Case Farmer Bull Insurance Consumer Commission Decision Chhattisgarh Farmer Insurance Claim CG Farmer Bull Insurance Bull Insurance Claim Bank Insurance Dispute
Advertisment
चैनल से जुड़ें